देहरादून में हर दिन करीब 20 लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। अपराधी कहीं लोगों के बैंक खातों की जानकारी लेकर ऑनलाइन ट्रांसेक्शन कर रहे हैं तो कुछ लोगों को सेक्सटॉर्शन में फंसाकर ब्लैकमेल किया जा रहा है।
इंटरनेट पर अगर ज्यादा निर्भरता है तो इसके लिए सावधानी भी बरतने की जरूरत है। यदि ऐसा न हुआ तो साइबर अपराधी आपकी गाढ़ी कमाई में महज एक क्लिक से सेंध लगाकर खाता खाली कर सकता है। साइबर पुलिस मामलों की जांच के अलावा इनसे बचने के उपायों का प्रसार भी कर रही है। बावजूद इसके लोग लगातार इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अमर उजाला भी आपके लिए इन नई-पुरानी टिप्स को एक बार फिर से साझा कर रहा है।
देहरादून में हर दिन करीब 20 लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। अपराधी कहीं लोगों के बैंक खातों की जानकारी लेकर ऑनलाइन ट्रांसेक्शन कर रहे हैं तो कुछ लोगों को सेक्सटॉर्शन में फंसाकर ब्लैकमेल किया जा रहा है। कभी किसी की फेसबुक आईडी फर्जी बना ली जाती है तो कभी किसी की फेसबुक आईडी पर अश्लील मैसेज डालकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यदि कुछ बातों का ध्यान रखें तो इन सब से आसानी से बचा जा सकता है।
किस तरह के हो रहे फ्रॉड
– फिशिंग मेल में गिफ्ट का लालच देकर।
– फेक फ्रेंड बनकर मदद भेजने के नाम पर।
– फ्री रिचार्ज और कैश बैक के लिए कॉल या मैसेज से।
– फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर।
– लोन माफी के नाम पर मैसेज भेजकर।
– मिनटों में लोन दिलाने के नाम पर।
– फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर ब्लैकमेल कर।
– ओएलएक्स पर फर्जी ग्राहक बनकर।
– इंश्योरेंस पॉलिसी में बोनस के नाम पर।
– मदद करने के बहाने परिचित बनकर लिंक भेजा जाता है।
कैसे बचें फिशिंग मेल के झांसे में आने से
– संदेह वाले मैसेज और ईमेल का जवाब न दें।
– उस ईमेल और नंबर को तत्काल ब्लॉक कर दें।
– यदि कोई एटीएम पिन मांगता है तो इसकी जानकारी पुलिस को दें।
– कोई कस्टम अधिकारी बनकर बात करता है तो नंबर तुरंत पुलिस को दें।
पहचानें कौन है दोस्त और साइबर अपराधी
यदि किसी की फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो इसमें भेद करना आवश्यक है कि कौन असल में दोस्त है और कौन साइबर अपराधी। इसके लिए चंद बातों का ध्यान करें और समय ये आवश्यक कदम उठाएं।
– रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले फ्रेंड लिस्ट देखें।
– फोटो अपलोड की टाइमिंग जांच लें।
– उसके बारे में पूरी जानकारी और म्युचुअल फ्रेंड लिस्ट देख लें।
– संदेह हो तो उसे तत्काल ब्लॉक कर दें।
कैसे बच सकते हैं फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी से
-दरअसल, इन दिनों फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ज्यादा फ्रॉड किया जा रहा है। इसमें होता यह है कि लोग किसी कंपनी या बैंक का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर देखते हैं और फर्जी वेबसाइट पर चले जाते हैं। यही से शुरू हो जाता है फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी का खेल।
– सही वेबसाइट पर जाकर ही नंबर देखें।
– यदि बैंक का नंबर देख रहे हैं तो पासबुक, डेबिट, क्रेडिट कार्ड आदि पर भी वह लिखा होता है।
– जिस वेबसाइट से नंबर लिया जा रहा है उसके बारे में ऑनलाइन रिव्यू देख लें।
– यदि किसी का फोन आता भी है तो उसे लास्ट ट्रांजेक्शन और व्यक्तिगत विवरण न दें।
खाता खाली करने वाले लिंक से खास टिप बचाएगी
इन दिनों ई-वॉलेट फोन पे, गूगल पे, पेटीएम आदि पर मनी रिक्वेस्ट की सुविधा होती है। इसमें कोई भी आपको लिंक भेजता है और उस पर क्लिक करते ही आपके खाते से पैसे कट सकते हैं। फिर वह उस लिंक भेजने वाले पर निर्भर है कि वह कितने रुपये का लिंक भेजता है। इससे आपका खाता खाली भी हो सकता है। इसके लिए यह खास बात ध्यान रखें…
एप नोटिफिकेशन ऑन रखें
इसके लिए इन सभी वॉलेट एप की नोटिफिकेशन ऑन रखें। यदि कोई आपके एप में घुसने की कोशिश करेगा तो ब्राउसर पर उसकी नोटिफिकेशन आ जाएगी। यहां आपसे पूछा जाएगा कि आप परमिशन देते हैं या नहीं। इस पर आप मना कर सकते हैं।
सिर्फ भुगतान के लिए होता है क्यूआर कोड
अजय सिंह ने बताया कि इन दिनों क्यूआर कोड के माध्यम से बहुत ज्यादा ठगी हो रही है। ऐसे में ध्यान रखना जरूरी है कि आखिर क्यूआर कोड होता क्या है। क्यूआर कोड का इस्तेमाल केवल भुगतान के लिए ही होता है। इसके माध्यम से यदि कोई आपको पैसे भेजने की बात करता है तो वह गलत कह रहा है। इसकी शिकायत जरूर करें।
और भी हैं कई टिप्स
– बीमा पॉलिसी मैच्योर होने पर कोई बोनस दिलाने की बात करता है तो इसकी तस्दीक आप ब्रांच जाकर करें। या अपने उस एजेंट से पूछ लें जिसके माध्यम से पॉलिसी ली थी।
– कोई भी बैंक आपको फोन कर ओटीपी या खाते की जानकारी नहीं मांगता है। यदि ऐसा कोई फोन आपके पास आता है तो इसकी शिकायत करें।
– फेसबुक व अन्य सोशल साइटों पर अपनी प्रोफाइल सिक्योर कर लें। ताकि, यहां से कोई आपके दोस्तों आदि की जानकारी न जुटा ले।
– सरकारी योजनाओं में लोन दिलाने आदि के प्रलोभन पर पहले अपने नजदीकी सरकारी दफ्तर और बैंक में इसकी जानकारी ले लें।
155260 पर करें तत्काल शिकायत :-
यदि आपके साथ फ्रॉड हुआ है तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 155260 पर दें। सेंट्रलाइज्ड हेल्पलाइन के माध्यम से आपके खाते से गई रकम वापस आने की संभावना रहती है। साइबर थाना पुलिस लाभार्थी खाते को फ्रीज करा देती है।









